
मुरैना. मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहाँ किर्राइच रोड पर रहने वाले भारतीय सेना (Indian Army) के एक 30 वर्षीय जवान ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चौंकाने वाली बात यह है कि आत्मघाती कदम उठाने से महज कुछ घंटे पहले तक जवान अपने परिवार के साथ बेहद खुश था और देर रात तक मां और पत्नी के साथ लूडो खेल रहा था। सुबह अचानक उनका शव फंदे पर लटका मिलने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
रात 1 बजे तक की बातें, फिर साथ खेला लूडो मिली जानकारी के मुताबिक, पोरसा के किर्राइच रोड निवासी राहुल सिकरवार (30 वर्ष), पुत्र रामसुमिरन सिंह सिकरवार, भारतीय सेना में पदस्थ थे। वे कुछ दिन पहले ही छुट्टी बिताने अपने घर आए हुए थे। मंगलवार की शाम उन्होंने पूरे परिवार के साथ खुशनुमा माहौल में बैठकर खाना खाया। इसके बाद रात करीब 1 बजे तक वे परिवार के सदस्यों से बातचीत करते रहे। माहौल को हल्का रखने के लिए उन्होंने अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ मोबाइल या बोर्ड पर लूडो भी खेला।
सुबह कमरे की खिड़की तोड़ी तो उड़ गए होश रात करीब 2:00 बजे परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। फौज में होने के कारण राहुल की दिनचर्या अनुशासित थी और वे रोज सुबह जल्दी उठ जाते थे। लेकिन बुधवार सुबह जब वे काफी देर तक नहीं जागे, तो परिजनों को चिंता हुई।
पत्नी के कमरे में न मिलने पर जब उनकी तलाश शुरू की गई, तो देखा कि पास के ही एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। परिजनों ने काफी आवाजें दीं और कुंडी खटखटाई, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। अनहोनी की आशंका होने पर जब परिजनों ने खिड़की का शीशा तोड़ा और अंदर झांका, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर राहुल का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था।
अस्पताल पहुंचने से पहले थम चुकी थीं सांसें परिजनों ने आनन-फानन में दरवाजा तोड़कर राहुल को फंदे से नीचे उतारा और तुरंत पोरसा के नजदीकी अस्पताल लेकर भागे। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
"पोरसा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। परिवार के सदस्य भी इस आत्मघाती कदम के पीछे का कोई ठोस कारण नहीं बता पा रहे हैं। मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच की जा रही है।" - दिनेश कुशवाह (थाना प्रभारी, पोरसा)
सेना के जवान द्वारा उठाए गए इस अप्रत्याशित कदम से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा इलाका स्तब्ध है कि आखिर आधी रात तक हंसने-खेलने वाले इंसान के मन में ऐसा क्या चल रहा था।
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