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MP UCC Draft: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता की तैयारी; लिव-इन का रजिस्ट्रेशन जरूरी, 'अवैध बच्चा' शब्द होगा खत्म


भोपाल. मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। राज्य सरकार आज होने वाली एक विशेष कैबिनेट बैठक में यूसीसी के नए ड्राफ्ट को मंजूरी के लिए पेश करने जा रही है। इस प्रस्तावित ड्राफ्ट में समाज के ताने-बाने, विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप और उत्तराधिकार से जुड़े नियमों में कई क्रांतिकारी और प्रगतिशील बदलाव किए गए हैं, जो सीधे तौर पर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को मजबूती देंगे।

इस ऐतिहासिक ड्राफ्ट में शामिल प्रमुख कानूनी बदलाव निम्नलिखित हैं:

1. खत्म होगा 'अवैध संतान' का कलंक

यूसीसी ड्राफ्ट के तहत अब कानूनी और सामाजिक दस्तावेजों से 'अवैध संतान' (Illegitimate Child) शब्द को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाएगा।

  • समान कानूनी दर्जा: शादी के दायरे से बाहर जन्मे बच्चों, सरोगेसी (Surrogacy) और एआरटी (Assisted Reproductive Technology/टेस्ट ट्यूब बेबी) के जरिए पैदा हुए बच्चों को भी समाज और कानून में वही दर्जा और अधिकार मिलेंगे, जो सामान्य रूप से शादी के बाद पैदा हुए बच्चों को मिलते हैं।

2. पत्नी को मिलेगा तलाक का नया कानूनी आधार

महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए ड्राफ्ट में एक बड़ा प्रावधान जोड़ा गया है। इसके मुताबिक, यदि कोई विवाहित पुरुष अपनी शादी के बहाल रहते हुए किसी दूसरी महिला को गर्भवती कर देता है, तो उसकी पत्नी को इस आधार पर विवाह समाप्त करने (तलाक लेने) का पूरा कानूनी अधिकार होगा।

लिव-इन रिलेशनशिप पर सख्त नियम: मध्य प्रदेश में अब लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) में रहने वाले जोड़ों को मनमर्जी की छूट नहीं होगी। नए ड्राफ्ट के अनुसार, साथ रहने वाले कपल्स को एक महीने के भीतर अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण (Registration) कराना होगा। अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ जुर्माने और जेल दोनों का प्रावधान रखा गया है।

महिला पार्टनर को मिलेगा पत्नी जैसा हक

अक्सर लिव-इन रिलेशनशिप टूटने के बाद महिलाओं को गंभीर आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता था। इस ड्राफ्ट में इसका भी समाधान निकाला गया है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई लिव-इन रिलेशनशिप टूटता है, तो उसमें रहने वाली महिला साथी को अपने पार्टनर से पत्नी की तरह ही भरण-पोषण (Alimony/Maintenance) मांगने का कानूनी अधिकार प्राप्त होगा।

मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम प्रदेश की कानूनी और सामाजिक व्यवस्था को एक नया मोड़ देने वाला माना जा रही है, जिस पर आज कैबिनेट की मुहर लग सकती है।

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