Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

शहडोल में वन्यजीवों की हलचल से दहशत: केशवाही में दिखा भालू, हाथियों का दल जयसिंहनगर पहुंचा


शहडोल जिले में जंगलों से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाल ही में केशवाही इलाके में भालू के स्वच्छंद विचरण का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भालू, बाघ और जंगली हाथियों की मौजूदगी के कारण मैदानी अमला लगातार गश्त कर रहा है।

शहडोल के वन क्षेत्रों से लगे रिहायशी इलाकों में मानव-वन्यजीव द्वंद्व की घटनाएं पहले भी दर्ज की गई हैं। केशवाही क्षेत्र में भालू के हमले से दो ग्रामीणों की जान जा चुकी है, जबकि गोहपारू वन परिक्षेत्र में बाघ के हमले से एक चरवाहे की मौत की घटना सामने आई थी। इसके अलावा, बांधवगढ़ के जंगलों से निकला जंगली हाथियों का एक झुंड जयसिंहनगर क्षेत्र में डेरा डाले हुए है, जिससे प्रशासन और ग्रामीण दोनों सतर्क हैं।

केशवाही के गांवों में मुनादी, जंगल न जाने की सलाह

केशवाही वन परिक्षेत्र के रेंजर अंकुर तिवारी के मुताबिक, स्थानीय जंगलों में कई भालू मौजूद हैं जो अक्सर भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी सीमाओं के पास पहुंच जाते हैं। इसे देखते हुए वन विभाग की टीमें सीमावर्ती गांवों में लगातार मुनादी कराकर लोगों को आगाह कर रही हैं।

ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने और विशेष रूप से सुबह व शाम के समय सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी जंगली जानवर के दिखने पर उसके करीब न जाएं, न ही उसे घेरने या छेड़ने का प्रयास करें। हाल ही में देवरी-अमलाई क्षेत्र में भी भालू की मौजूदगी दर्ज की गई थी, जिसके बाद निगरानी दल तैनात किया गया है।

जयसिंहनगर में हाथियों का डेरा, गोहपारू में भी सतर्कता

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से विचरण करते हुए हाथियों का समूह जयसिंहनगर के जंगलों में पहुंच चुका है। हाथियों के मूवमेंट को देखते हुए आसपास की बस्तियों में मुनादी कराई जा रही है ताकि फसल या जान-माल का नुकसान न हो।

वहीं, गोहपारू में मवेशी चराने गए चरवाहे पर बाघ के हमले की घटना के बाद से मवेशी पालकों को घने जंगलों के अंदर न जाने की कड़ी समझाइश दी गई है। वन विभाग की विशेष गश्ती टीमें तीनों संवेदनशील परिक्षेत्रों में वन्यजीवों की लोकेशन ट्रैक कर रही हैं।

Date & Time : 2026-11-02 09:50:25

Share:

Leave A Reviews

Related News