
पन्ना जिले में फर्जी वीजा बनाकर विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पन्ना पुलिस ने त्वरित और तकनीकी जांच के आधार पर उत्तर प्रदेश के बिजनौर और देश की राजधानी दिल्ली में दबिश देकर गिरोह के दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 9.50 लाख रुपये नकद, 14 पासपोर्ट, कई फर्जी वीजा दस्तावेज, एक चार पहिया कार और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
वीजा बनवाने का झांसा देकर ऐंठे थे 12.65 लाख रुपये
मामले का खुलासा तब हुआ जब पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अहिरगवां कैंप निवासी हीरामन मंडल और देवानंद मंडल ने 11 जून को थाने में धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों ने बताया कि आशु चौधरी नामक व्यक्ति ने उन्हें विदेश में नौकरी लगवाने और वैध वीजा बनवाने का झांसा दिया था। इसके एवज में आरोपी ने उनसे किस्तों में कुल 12 लाख 65 हजार 900 रुपये ऐंठ लिए और उनके मूल पासपोर्ट भी अपने पास रख लिए।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर खुली फर्जीवाड़े की पोल
करीब तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद आरोपी ने पीड़ितों के पासपोर्ट में कथित वीजा चस्पा कर उन्हें सौंप दिया। इसके बाद जब दोनों पीड़ित विदेश जाने के लिए अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Ahmedabad Airport) पहुंचे, तो इमिग्रेशन और सुरक्षा जांच के दौरान पासपोर्ट पर लगा वीजा पूरी तरह फर्जी पाया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों द्वारा फर्जीवाड़े का खुलासा किए जाने के बाद पीड़ितों के होश उड़ गए और उन्होंने वापस लौटकर पुलिस की शरण ली।
बिजनौर और दिल्ली के करावल नगर से दबोचे गए शातिर
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बृजपुर पुलिस ने साइबर सेल की मदद से सुराग जुटाए और दबिश देकर मुख्य आरोपी आशु चौधरी (31 वर्ष, निवासी ग्राम आजूपुरा जट, थाना हींगपुर दीपा, जिला बिजनौर, यूपी) को धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में आशु ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी आदिल उर्फ अली (36 वर्ष, निवासी कीरतपुर, जिला बिजनौर; हाल मुकाम शिव विहार, करावल नगर, नई दिल्ली) के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया था और उसे कमीशन के रूप में 6.50 लाख रुपये दिए थे।
इसके बाद पन्ना पुलिस की टीम ने दिल्ली के करावल नगर में छापा मारकर आदिल को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आदिल दिल्ली में वीएफएस (VFS) केंद्र के बाहर फर्जी वीजा एजेंट के तौर पर सक्रिय था और भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस दोनों से गिरोह के अन्य नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।
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