
पन्ना जिले अंतर्गत अजयगढ़ में मजगाय डैम परियोजना से विस्थापित परिवारों के उचित मुआवजे और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग को लेकर जारी ऐतिहासिक 'चिता आंदोलन' गुरुवार को 47वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन को मजबूती देने आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रदेश अध्यक्ष एवं सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ धरना स्थल पहुंचीं। उनके साथ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र चौरसिया और प्रदेश सचिव रामचरण सोनी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर और प्रभावित ग्रामीण परिवारों से विस्तृत चर्चा कर उनके संघर्ष को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया।
धरना स्थल पर मौजूद विस्थापितों को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के नेताओं ने पन्ना जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन विस्थापितों की वैध और न्यायपूर्ण मांगों का निराकरण करने के बजाय उन पर प्रशासनिक दबाव बना रहा है। आंदोलनकारियों ने भी आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपने अधिकारों और जमीन के बदले उचित हक मांगना कोई अपराध नहीं है, लेकिन सरकार उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
आंदोलनकारियों ने प्रभावित परिवारों के आर्थिक पुनर्वास के साथ-साथ इस संघर्ष के दौरान जेल भेजी गईं दिव्या अहिरवार की बिना शर्त तत्काल रिहाई की मांग दोहराई। 47 दिनों से लगातार चल रहे इस शांतिपूर्ण सत्याग्रह को अब विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। विस्थापित ग्रामीणों का कहना है कि जब तक डैम निर्माण से प्रभावित हर परिवार को उचित मुआवजा और जीवनयापन के लिए सम्मानजनक व्यवस्था नहीं मिल जाती, तब तक उनका यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
Leave A Reviews