
मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, जब एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को तीन वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई।
सजा के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी, जिसके खिलाफ कांग्रेस ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है।
इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह न्यायालय का फैसला है और कानून के तहत कार्रवाई की गई है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होनी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अगर हाईकोर्ट से राहत मिलती है, तो क्या राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता बहाल हो सकती है।
आगामी सुनवाई को प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम मोड़ माना जा रहा है।
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