
इंदौर के डेली कॉलेज में गर्भ संस्कार विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के अस्पतालों में गर्भ संस्कार केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गर्भ संस्कार बेहद जरूरी हैं, क्योंकि संस्कार ही पीढ़ी की अमरता की निशानी होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान के माध्यम से संस्कारों की धारा आगे बढ़ती है और वंशवृद्धि के साथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया भी जुड़ी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इतिहास में गर्भ संस्कार के कई उदाहरण मौजूद हैं, जिनमें अभिमन्यु का चक्रव्यूह ज्ञान प्रमुख है। उन्होंने बताया कि अब विज्ञान भी यह सिद्ध कर चुका है कि गर्भाधान के समय माता-पिता की मानसिक स्थिति और गर्भ संस्कार का शिशु पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के नए अस्पतालों की डिजाइन में गर्भ संस्कार कक्ष का प्रावधान किया जाएगा।
कार्यक्रम में आरएसएस के पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा कि भारत उत्थान की राह पर अग्रसर है और विश्व को मार्गदर्शन देने की क्षमता रखता है। अन्य वक्ताओं ने भी गर्भाधान के समय माता-पिता की जीवनशैली, व्यवहार और मानसिक स्थिति को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इसका सीधा असर शिशु के भविष्य और व्यक्तित्व पर पड़ता है।
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