
इटारसी. पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल के तहत आने वाले और देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शन्स में से एक, इटारसी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात भारी गहमागहमी देखने को मिली। हाईकोर्ट के एक कड़े आदेश का पालन करते हुए रेलवे प्रशासन ने रात के सन्नाटे में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 पर संचालित हो रहे दो प्रमुख खान-पान स्टॉलों को न सिर्फ बंद करा दिया गया, बल्कि उनसे पूरा सामान भी खाली करा लिया गया है।
रेलवे द्वारा की गई इस अचानक कार्रवाई से स्टेशन परिसर और वेंडर्स के बीच हड़कंप मच गया। कोर्ट के आदेश पर रेलवे ने 'मेसर्स गोयल एंड गोयल' और 'मेसर्स शिव एंड संस' की दुकानों पर ताला जड़ दिया। इस बड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब स्टेशन पर पुरानी और जानी-मानी कैटरिंग कंपनी 'कंचन कैटर्स' की दोबारा वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
इस पूरे मामले की जड़ें करीब तीन साल पुरानी हैं। तीन साल पहले रेलवे प्रशासन ने कंचन कैटर्स का ठेका समाप्त कर इन स्टॉलों को नए ठेकेदारों (गोयल एंड गोयल और शिव एंड संस) को सौंप दिया था। हालांकि, उस समय रेलवे के लीगल सेल ने बेहद समझदारी दिखाई थी। नए ठेकेदारों के साथ किए गए एग्रीमेंट (अनुबंध) में रेलवे ने पहले ही एक शर्त साफ-साफ लिख दी थी कि कंचन कैटर्स ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी है, और यदि भविष्य में कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आता है, तो नए संचालकों को तत्काल प्रभाव से जगह खाली करनी होगी।
कंचन कैटर्स ने हार न मानते हुए इस बदलाव को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत में चली एक लंबी और पेचीदा कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार फैसला कंचन कैटर्स के पक्ष में आया।
भोपाल रेल मंडल से जैसे ही लिखित आदेश जारी हुआ, इटारसी रेल प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। शुक्रवार की आधी रात को रेलवे की टीम भारी सुरक्षा और अधिकारियों की मौजूदगी में प्लेटफॉर्म-6 पर पहुंची। वहां स्थित स्टॉल नंबर सीएस-15 (CS-15) और सीएस-16 (CS-16) को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
रेलवे प्रशासन ने दोनों स्टॉल संचालकों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे अपनी सभी सामग्रियां, गैस सिलेंडर, फ्रीज और अन्य मशीनें हटाकर जगह को पूरी तरह खाली कर दें और उसे उसकी मूल स्थिति में सौंप दें। आदेश की गंभीरता को देखते हुए संचालकों ने रात में ही अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और सारा सामान समेटना शुरू कर दिया।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर इटारसी के स्टेशन मास्टर विनोद कुमार चौधरी ने आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया:
"यह पूरी कार्रवाई पूरी तरह से माननीय हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई है। रेलवे प्रशासन कानूनी स्थिति को लेकर पहले दिन से बिल्कुल स्पष्ट था, यही वजह थी कि नए अनुबंध में इस शर्त को विशेष रूप से शामिल किया गया था। कोर्ट के आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया गया है।"
इस कार्रवाई के बाद अब इटारसी रेलवे स्टेशन से गुजरने वाले मुसाफिरों और स्थानीय वेंडर्स के बीच केवल एक ही चर्चा आम है कि पुरानी और भरोसेमंद कैटरिंग कंपनी 'कंचन कैटर्स' प्लेटफॉर्म पर अपना स्टॉल कब से दोबारा शुरू करने जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ ही दिनों में कंचन कैटर्स के स्टॉल यात्रियों को सेवाएं देना शुरू कर देंगे।
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