
मैहर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नल जल योजना जनपद रामनगर में भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत भेजी गई इन तस्वीरों में साफ दिख रही है।
तस्वीरें खुद बोल रही हैं - नल जल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रो में लगाए गए वॉल्व चेम्बर आज खुले मौत के कुएं बने हुए हैं।
1. पहली तस्वीर - चेम्बर का ढक्कन गायब है, अंदर वॉल्व पर झाड़ियां उग आई हैं।
2. दूसरी तस्वीर - चेम्बर के अंदर बरसाती पानी और काई भरी है, वॉल्व डूबा हुआ है। इसमें मच्छर पनप रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है।
3. तीसरी तस्वीर - चेम्बर आधा खुला है, ढक्कन टूटा हुआ एक तरफ पड़ा है, कभी भी कोई बच्चा, मवेशी या राहगीर इसमें गिर सकता है।

ग्रामीणों का आरोप -
ग्रामीणों का कहना है कि एमपी जल निगम के अधिकारियों और संविदाकार की मिलीभगत से काम पूरा दिखाकर भुगतान ले लिया गया है। चेम्बरों पर न तो मजबूत ढक्कन लगाए गए, न ही चारों तरफ सुरक्षा की कोई व्यवस्था की गई। कई जगह पाइप लाइन लीकेज है और चेम्बरों में पानी भरा है।
सरकार ने "हर घर जल" का वादा किया था, लेकिन रामनगर में "हर गड्ढा खुला" की स्थिति है। खुले पड़े ये गहरे चेम्बर रात में और बरसात के दिनों में बड़े हादसे को निमंत्रण दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर मैहर और एमपी जल निगम के कार्यपालन यंत्री से मांग की है कि सभी वॉल्व चेम्बरों का भौतिक सत्यापन कराया जाए, टूटे ढक्कनों को तुरंत बदला जाए और लापरवाह संविदाकार पर कार्रवाई की जाए।

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