
मैहर। जनपद पंचायत रामनगर की ग्राम पंचायत देवरी कला में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि सड़क और नाली निर्माण का पैसा बिना कार्य कराए ही हजम कर लिया गया। महिला सरपंच के फर्जी हस्ताक्षरों से भुगतान कराए जाने का भी आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
कागजों में निर्माण, जमीन पर कुछ नहीं -


पंचायत में दो कार्य स्वीकृत बताए जा रहे हैं :-
1. कार्य - पीसीसी नाली निर्माण मुख्य मार्ग से आदिवासी बस्ती की ओर, देवरी कला
योजना - पांचवा राज्य वित्त आयोग
स्वीकृति दिनांक - 20/03/2026
लागत - 2,15,000
स्थिति - पोर्टल पर "चल रहा है" दिखाया जा रहा है।

2. कार्य - पीसीसी सड़क निर्माण परमेश्वर दीन कोल के घर से राजेश साकेत के घर की ओर
योजना - अजा-अजजा विभाग, अनुसूचित जनजाति सघन बस्ती विकास योजना
स्वीकृति - 27/01/2026
लागत - 6,95,000
ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर न तो सीसी रोड बनी है, न ही नाली का निर्माण हुआ है।

फर्जी बिलों से भुगतान का खेल -
ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए बिलों में -
मां शक्ती ट्रेडर्स, रामनगर के नाम से
क्र. 03 दिनांक 06/05/26 को 1,80,400 (सीमेंट 400 बोरी, गिट्टी)
क्र. 04 दिनांक 10/05/26 को 1,67,536 (गिट्टी, रेत)
क्र. 01 दिनांक 07/04/25 को 2,09,214 (सीमेंट, गिट्टी, रेत)
- K.P. Industries, पगारा के कैश मेमो नं. 46 दिनांक 17/07/23 को JCB खुदाई के नाम पर 1,02,000
- प्रधान ट्रेडर्स, रामनगर का टैक्स इनवॉइस 01/04/2026 को 50,000 अस्था ट्रेडर्स के नाम 1,50,000
सभी बिलों पर ग्राम पंचायत देवरी कला सचिव की मोहर और हस्ताक्षर हैं, जबकि सरपंच के हस्ताक्षर फर्जी होने का आरोप है।
पोर्टल पर भी Pradhan Tredars को 50,000 और Astha Traders को 1,50,000 का भुगतान दिख रहा है।


उपयंत्री ने नहीं उठाया फोन -
इस मामले में जब जनपद पंचायत रामनगर की उपयंत्री साधना सिंह से पक्ष जानने के लिए फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जिससे सचिव, उपयंत्री व अमले की भूमिका और संदिग्ध हो रही है।
ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ सतना / मैहर और कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और राशि वसूली की मांग की है।
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