
मैहर जिले अंतर्गत रामनगर नगर परिषद क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिकों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है। विडंबना यह है कि एक ओर हाल ही में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लगा निजी सीसीटीवी कैमरा चोर बेखौफ होकर उखाड़ ले गए, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन द्वारा आज तक नगर के प्रमुख सार्वजनिक चौराहों और व्यस्त बाजारों में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगवाया गया है।
अत्यधिक आवाजाही वाले संवेदनशील इलाकों में तीसरी आंख की गैर-मौजूदगी से नगर की कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
रामनगर का मुख्य बस स्टैंड, प्रमुख बाजार चौक, स्थानीय थाने के ठीक सामने का तिराहा और स्वयं नगर परिषद कार्यालय के आसपास का क्षेत्र दिनभर भारी चहल-पहल से भरा रहता है। यहां रोजाना हजारों स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और ग्रामीण अंचलों से आने वाले यात्रियों का आवागमन होता है।
इतने महत्वपूर्ण और रणनीतिक सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा निगरानी के पुख्ता इंतजाम न होना नगर परिषद और पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करता है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक वर्ग ने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को रेखांकित करते हुए अपनी चिंताएं साझा की हैं:
साक्ष्यों का अभाव: बाजार और कॉलोनियों में चोरी, जेबकतरी, छिनैती और आपसी विवाद की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन कैमरों के अभाव में पुलिस को जांच के लिए कोई वीडियो फुटेज या ठोस सुराग हाथ नहीं लगता।
निजी व्यवस्था बनाम प्रशासनिक विफलता: शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी निजी संपत्तियों पर तो ठेकेदारों ने अपनी सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए, लेकिन आम जनता की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार सार्वजनिक निकायों ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की।
असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद: रात के समय चौराहों पर पर्याप्त रोशनी न होने और कैमरों की अनुपस्थिति के चलते असमाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाएं और राहगीर असहज महसूस करते हैं।
रामनगर के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों ने नगर परिषद अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और जिला पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि:
मुख्य बस स्टैंड, बाजार चौक, थाना तिराहा और प्रवेश द्वारों पर अत्याधुनिक हाई-डेफिनिशन (HD) नाइट-विज़न कैमरे लगाए जाएं।
कैमरों की 24×7 लाइव निगरानी के लिए स्थानीय थाने या नगर परिषद भवन में एक सेंट्रलाइज्ड पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए।
नागरिकों ने स्पष्ट किया कि समय रहते आधुनिक सर्विलांस सिस्टम स्थापित कर ही अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है और रामनगर को एक सुरक्षित व भयमुक्त नगर बनाया जा सकता है।
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