
रीवा जिले की एडिशनल एसपी (एएसपी) भावना मरावी का आधिकारिक/व्यक्तिगत व्हाट्सएप (WhatsApp) अकाउंट सोमवार को अज्ञात साइबर ठगों द्वारा हैक कर लिया गया। अकाउंट का एक्सेस हासिल करते ही जालसाजों ने उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव परिचितों, पुलिसकर्मियों और परिजनों को संदेश भेजकर पैसों की मांग करना शुरू कर दिया।
जैसे ही यह गंभीर मामला संज्ञान में आया, पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी भावना मरावी ने तत्काल सार्वजनिक अपील जारी करते हुए सभी नागरिकों और परिचितों को सतर्क रहने तथा किसी भी झांसे में न आने की हिदायत दी है।
एडिशनल एसपी भावना मरावी ने स्वयं घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है और जालसाज उनके नाम व पद का दुरुपयोग कर लोगों से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आमजन और संपर्कों से अपील करते हुए कहा:
रुपये न भेजें: यदि उनके नंबर से किसी भी प्रकार की इमरजेंसी बताकर पैसे मांगने का मैसेज आए, तो किसी भी खाते या यूपीआई पर बिल्कुल भी राशि ट्रांसफर न करें।
सीधे कॉल कर पुष्टि करें: किसी भी संदेश पर भरोसा करने से पहले हमेशा संबंधित व्यक्ति को सीधे वॉइस कॉल करके सत्यता की पुष्टि करें।
लिंक और ओटीपी से बचें: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध फाइल डाउनलोड न करें और अपने बैंक व ओटीपी से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का अकाउंट हैक होने की घटना के बाद रीवा पुलिस और साइबर सेल की टीमें तत्काल सक्रिय हो गई हैं। साइबर विशेषज्ञों की तकनीकी टीम अकाउंट को रिकवर करने और हैकिंग के स्रोत (आईपी एड्रेस) का पता लगाने में जुटी हुई है।
जिला पुलिस बल की ओर से भी आम नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधी अक्सर प्रतिष्ठित अधिकारियों और जान-पहचान वालों की डीपी (प्रोफाइल पिक्चर) लगाकर या उनका अकाउंट हैक कर आकस्मिक वित्तीय सहायता की मांग करते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने या जल्दबाजी करने के बजाय तुरंत पुलिस साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
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