इटारसी. भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण जंक्शनों में से एक, इटारसी पर रेल सुरक्षा बल (RPF) ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा प्रहार किया है। रेलवे सुरक्षा बल इटारसी द्वारा चलाए गए इस 'मेगा अभियान' ने स्टेशन और ट्रेनों में अवैध रूप से सक्रिय तत्वों के बीच खलबली मचा दी है।
आरपीएफ भोपाल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के कुशल निर्देशन में इस विशेष अभियान को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों में यात्रियों को होने वाली असुविधा को रोकना और अवैध वेंडिंग के सिंडिकेट को खत्म करना था।
RPF की टीमों ने स्टेशन परिसर, आउटर सिग्नल और चलती ट्रेनों में सघन तलाशी ली। इस दौरान विभिन्न रेल अधिनियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 70 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इन सभी को भोपाल स्थित माननीय रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों पर कुल 66,000 रुपये का जुर्माना ठोंका।
आरपीएफ द्वारा गठित टास्क फोर्स ने निम्नलिखित श्रेणियों में धरपकड़ की:
अवैध वेंडरिंग: खान-पान की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाले 25 अनाधिकृत वेंडर गिरफ्तार किए गए।
कोच में अनाधिकृत प्रवेश: महिला और दिव्यांग कोचों में घुसने वाले 32 पुरुष यात्रियों (21 महिला कोच + 11 दिव्यांग कोच) पर कार्रवाई हुई।
ट्रेसपासिंग: जान जोखिम में डालकर पटरी पार करने वाले 12 लोग पकड़े गए।
चेन पुलिंग: बिना किसी ठोस कारण के ट्रेन की चेन खींचकर समय बर्बाद करने वाला 01 व्यक्ति गिरफ्त में आया।
न्यूसेंस: स्टेशन पर गंदगी और व्यवधान फैलाने वाले अन्य तत्वों और किन्नरों के विरुद्ध भी सख्ती बरती गई।
यह सफलता केवल आरपीएफ की नहीं, बल्कि एक संयुक्त प्रयास का परिणाम थी। इस अभियान में रेलवे वाणिज्य विभाग, IRCTC, DCI, स्टेशन प्रबंधक और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर काम किया। जानकारों का मानना है कि इटारसी जैसे व्यस्त स्टेशन पर इतनी बड़ी कार्रवाई अवैध वेंडिंग के गहरे जाल की कमर तोड़ने के लिए पर्याप्त है।
आरपीएफ प्रशासन का संदेश: "यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आउटरों और ट्रेनों में यात्रियों को परेशान करने वाले किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।"
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