
तेंदूखेड़ा, देशबंधु। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर तेंदूखेड़ा नगर में संघ की गतिविधियों का विस्तार करते हुए मोहल्ला स्तरों पर नियमित रूप से शाखाओं का आयोजन किया जा रहा है। शाखाओं के माध्यम से स्वयंसेवक शारीरिक, बौद्धिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता कर रहे हैं।
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के दौरान अधिक से अधिक लोगों तक संघ की कार्यपद्धति, गतिविधियों एवं विचारों को पहुंचाने के उद्देश्य से मोहल्ला स्तर पर शाखाओं के आयोजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेंदूखेड़ा नगर को संघ कार्य एवं शाखा संचालन के उद्देश्य से 10 मोहल्लों में विभाजित किया गया है, जिससे संघ का संदेश एवं कार्य अधिक सुगमता से लोगों तक पहुँच सके एवं शाखा के माध्यम से लोग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यों से परिचित हो सकें।

17 लोगों से शुरू हुआ संघ का सफर -: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई। लगभग 17 लोगों से शुरू हुआ संघ का यह सफर आगे चलकर नियमित शाखाओं के माध्यम से देशभर में विस्तारित हुआ। प्राप्त जानकारी अनुसार 28 मई 1926 को नागपुर के मोहिते वाड़ा मैदान में पहली नियमित शाखा प्रारंभ हुई थी। वर्ष 2025 में संघ ने स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष के अवसर पर तेंदूखेड़ा नगर के सभी दस मोहल्लों में शाखाएं लगाई जा रही हैं, जहां शारीरिक, बौद्धिक एवं सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
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