
सागर जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रेगुवां में एक मकान निर्माण के दौरान खुदाई करते समय चांदी के बेहद प्राचीन सिक्के मिले हैं। जमीन के भीतर से खजाना निकलने की खबर जैसे ही गांव में फैली, मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मकान मालिक को थाने बुलाकर इन सिक्कों को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेगुवां गांव के निवासी दयाल अहिरवार (पिता प्रहलाद अहिरवार) अपने पुश्तैनी प्लॉट पर नए मकान का निर्माण कार्य करवा रहे थे। बुधवार को मजदूर मकान की नींव खोदने का काम कर रहे थे। इसी खुदाई के दौरान जमीन के भीतर एक मिट्टी का घड़ा (कलश) दबा हुआ मिला। जब मजदूरों और मकान मालिक ने उत्सुकतावश उस घड़े को खोलकर देखा, तो उनके होश उड़ गए। उस घड़े के भीतर चांदी के कई प्राचीन सिक्के भरे हुए थे।

घड़े से निकले इन सभी चांदी के सिक्कों की बनावट और उनका स्वरूप आम सिक्कों से बिल्कुल अलग है। इन प्राचीन सिक्के की दोनों सतहों पर उर्दू और फारसी लिपि में कुछ लेख अंकित हैं। सिक्कों की इस अनोखी बनावट को देखकर प्रारंभिक तौर पर पुरातत्व प्रेमियों और स्थानीय लोगों द्वारा इन्हें मुगलकालीन समय का माना जा रहा है। हालांकि, ये सिक्के असल में किस राजा के शासनकाल के हैं और कितने पुराने हैं, इसकी वास्तविक जानकारी पुरातत्व विशेषज्ञों की विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
मकान मालिक दयाल अहिरवार ने ईमानदारी का परिचय देते हुए इस बात की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी। वे खुद गढ़ाकोटा थाने पहुंचे और सभी प्राचीन सिक्के पुलिस को सौंप दिए। गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शिवम दुबे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि रेगुवां गांव से जब्त किए गए इन सिक्कों की कुल संख्या 49 है।
थाना प्रभारी ने आगे बताया कि नियमानुसार इन प्राचीन सिक्के को पूरी तरह से जब्त कर लिया गया है और इस संबंध में क्षेत्र के तहसीलदार व पुरातत्व विभाग को लिखित सूचना भेज दी गई है। अब पुरातत्व विभाग की विशेष टीम इन सिक्कों की धातु, काल और ऐतिहासिक महत्व की बारीकी से जांच करेगी, तब तक इन्हें सरकारी मालखाने में सुरक्षित रखा गया है।
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