
सागर जिले में मकरोनिया थाना पुलिस और यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए शराब से भरे एक आयशर ट्रक को हिरासत में लिया है। पकड़े गए ट्रक में करीब 1500 पेटी ‘बॉम्बे व्हिस्की’ लोड थी, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आँकी जा रही है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब ट्रक शहर के प्रतिबंधित या असामान्य रूट पर देखा गया। फिलहाल पुलिस ने ट्रक को जब्त कर मकरोनिया थाने में खड़ा करवा दिया है।
गूगल मैप और ड्राइवर की कहानी इस पूरे मामले में ट्रक चालक का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। पूछताछ के दौरान चालक ने पुलिस को बताया कि वह शराब की यह बड़ी खेप इंदौर के बड़वाह से लेकर रीवा जा रहा था। नियमतः ट्रक को जबलपुर होकर गुजरना था, लेकिन चालक का दावा है कि रास्ता भटकने के कारण उसने गूगल मैप (Google Maps) का सहारा लिया। मैप ने उसे ऐसा शॉर्टकट दिखाया कि वह मुख्य हाईवे छोड़कर सीधे सागर शहर के घनी आबादी वाले मकरोनिया क्षेत्र के भीतर पहुंच गया, जहाँ मुस्तैद पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा।
वैध दस्तावेज बनाम तस्करी का शक ट्रक रुकने के बाद चालक ने पुलिस को शराब परिवहन से जुड़े तमाम जरूरी दस्तावेज और परमिट दिखाए और दावा किया कि माल पूरी तरह कानूनी है। हालांकि, सागर पुलिस को चालक की दलीलों पर आसानी से भरोसा नहीं हो रहा है। पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि एक अनुभवी चालक का तय हाईवे रूट छोड़कर अचानक शहर के भीतर प्रवेश करना और इतना बड़ा डायवर्जन लेना संदेह पैदा करता है। पुलिस को आशंका है कि संभवतः इस खेप को तय ठिकाने के बजाय कहीं और खपाने की योजना थी।
आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए मकरोनिया पुलिस ने आबकारी विभाग को भी सूचना दे दी है। अब शराब की बोतलों के बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स और परमिट में दर्ज रूट की बारीकी से मिलान की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वास्तव में यह 'डिजिटल मैप' की गलती थी या फिर इसके पीछे शराब तस्करी का कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मामला केवल रूट उल्लंघन का है या अवैध सप्लाई का।
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