
सागर जिले स्थित बंडा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जहरीली शराब का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इस दर्दनाक त्रासदी में अब तक 28 लोगों की असामयिक मौत होने की सूचना है, हालांकि प्रशासनिक रिकॉर्ड में फिलहाल 15 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की गई है। लगातार बिगड़ते हालात और अस्पतालों में नए मरीजों के दाखिल होने से समूचे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बीती रात भी इलाज के दौरान छापरी निवासी 38 वर्षीय अरविंद विश्वकर्मा और धुरमार निवासी 32 वर्षीय रामस्वरूप अहिरवार ने दम तोड़ दिया, जबकि रिझावर सानौधा निवासी 50 वर्षीय नर्मदा प्रसाद की मौत की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में वर्तमान में 90 मरीजों का सघन उपचार चल रहा है, जिसके चलते वहां कोविड काल जैसी आपातकालीन व्यवस्थाएं की गई हैं। अस्पताल के आईसीयू में भर्ती 9 अति-गंभीर मरीजों में से 5 की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। चिकित्सकों के अनुसार शरीर से जहरीले तत्वों को बाहर निकालने के लिए मरीजों का बार-बार डायलिसिस किया जा रहा है। विषाक्त शराब के घातक प्रभाव से कई मरीजों की आंखों की रोशनी भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। हनोती गांव के 32 वर्षीय धनसिंह आदिवासी सहित कई अन्य पीड़ित इस समय जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी विभाग की 3 विशेष टीमों ने जिले के शराब वेयरहाउस, डिस्टलरी और सभी लाइसेंसी दुकानों की सघन जांच पड़ताल की है। विभागीय जांच में फैक्ट्री, वेयरहाउस और सरकारी दुकानों में मौजूद 'सागर गोल्ड' ब्रांड को मानकों के अनुरूप पाकर क्लीन चिट दे दी गई है। हालांकि, सुरक्षा और एहतियात के मद्देनजर 'बम्बइया' और 'डीसीआर' ब्रांड की सप्लाई व बिक्री पर आगामी आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा। सील की गई सामान्य दुकानों की जांच पूरी होने के बाद बुधवार से उनका नियमित संचालन बहाल करने की योजना बनाई गई है।
अवैध और मिलावटी शराब के इस काले कारोबार पर शिकंजा कसते हुए पुलिस और प्रशासन ने कड़े दंडात्मक कदम उठाए हैं। बरेठी और बरायठा शराब दुकानों के संचालक सिद्धार्थ कुशवाह और यशवंत ठाकुर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बंडा और बिनैका थानों में अब तक कुल 30 आरोपियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिनमें से 14 मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि सप्लाई चेन से जुड़े अन्य फरार तस्करों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
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