
सागर (देवरी): माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) द्वारा 7 मई से आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की द्वितीय वार्षिक परीक्षा से ठीक पहले सागर जिले में एक बड़ा प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। देवरी ब्लॉक के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की लगभग 200 छात्राओं का परीक्षा केंद्र उनके गृह नगर से 70 किलोमीटर दूर मकरोनिया (सागर) आवंटित कर दिया गया है। जैसे ही छात्राओं के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड हुए, यह जानकारी मिलते ही छात्राओं और उनके अभिभावकों में आक्रोश की लहर दौड़ गई।
प्रवेश पत्र मिलते ही उड़ गए होश, स्कूल में किया विरोध प्रदर्शन छात्राओं का कहना है कि देवरी में स्थानीय परीक्षा केंद्र बनाने के बजाय उन्हें मकरोनिया स्थित शासकीय कन्या स्कूल भेज दिया गया है। इस फैसले के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्राएं और उनके परिजन स्कूल पहुंचे और शिक्षकों के सामने अपना कड़ा ऐतराज जताया। छात्राओं ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनका परीक्षा केंद्र तत्काल नहीं बदला गया, तो वे सामूहिक रूप से परीक्षा का बहिष्कार करेंगी और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंडल की होगी।
SDM कार्यालय पर मौन धरना और ज्ञापन नाराज छात्राएं और उनके अभिभावक रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध जताते हुए छात्राओं ने कार्यालय के मुख्य गेट पर करीब 20 मिनट तक मौन धरना दिया। इसके बाद उन्होंने एसडीएम मुनाब्बर खान को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। छात्राओं ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं और उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे रोज 70 किलोमीटर का सफर तय कर सकें। सुबह 8:30 बजे की परीक्षा के लिए इतनी दूर समय पर पहुंचना उनके लिए व्यावहारिक रूप से असंभव है।
प्रशासन का आश्वासन: बसें चलाने या केंद्र बदलने पर विचार मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मुनाब्बर खान ने छात्राओं को आश्वस्त किया है कि प्रशासन उनके भविष्य को लेकर सजग है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सागर से चर्चा की गई है। प्रशासन प्रयास कर रहा है कि परीक्षा केंद्र बदलकर देवरी के संदीपनी स्कूल में कर दिया जाए। एसडीएम ने यह भी वैकल्पिक भरोसा दिया कि यदि केंद्र नहीं बदलता है, तो प्रशासन छात्राओं के लिए स्कूल से सुबह 6 बजे दो विशेष बसें लगवाएगा, जिसमें पेयजल की व्यवस्था और सुरक्षा के लिए तीन शिक्षकों की ड्यूटी रहेगी।
अभिभावकों ने उठाए 'सौतेले व्यवहार' पर सवाल छात्राओं के परिजनों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल के इस फैसले पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब देवरी ब्लॉक के ही अन्य लड़कों के लिए स्थानीय संदीपनी स्कूल में केंद्र बनाया गया है, तो छात्राओं के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया गया? अभिभावकों ने आशंका जताई है कि इतनी दूर यात्रा करने से छात्राओं की मानसिक स्थिति और परीक्षा परिणाम पर बुरा असर पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें माध्यमिक शिक्षा मंडल के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि क्या छात्राओं को राहत दी जाएगी या उन्हें 70 किलोमीटर दूर जाकर ही परीक्षा देनी होगी।
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