
सतना। जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संत टोला (तुरी मोड़) में बुधवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली सुअर ने रिहायशी इलाके में घुसकर एक ही परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में मां, बेटे और नातिन समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
नहाते समय हुआ अचानक हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सुबह करीब 9 बजे की है। संत टोला निवासी 50 वर्षीय बूटा डोहर अपने घर के आंगन में नहा रही थीं। इसी दौरान कहीं से भटककर आया एक जंगली सुअर घर के अंदर घुस गया और सीधे महिला पर हमला बोल दिया। बूटा की चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने के लिए उनका 14 वर्षीय बेटा रामलखन, 18 वर्षीय नातिन चंद्रमा डोहर और पड़ोसी कल्लू डोहर (50 वर्ष) मौके पर पहुंचे।
बचाने आए लोगों को भी बनाया निशाना जंगली सुअर इतना आक्रामक था कि उसने मदद के लिए आए तीनों लोगों को भी लहूलुहान कर दिया। शोर मचने और ग्रामीणों के जुटने के बाद सुअर वहां से जंगल की ओर भाग निकला। इस हमले में महिला बूटा डोहर के चेहरे और सिर पर गहरे जख्म आए हैं, जबकि पड़ोसी कल्लू डोहर का हाथ फ्रैक्चर हो गया है। अन्य घायलों को भी हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
सिस्टम की लाचारी: न एम्बुलेंस मिली, न डॉक्टर घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन काफी देर तक वाहन नहीं पहुंचा। थक-हारकर ग्रामीणों ने 'डायल 112' की मदद ली, जिसके माध्यम से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घायलों को सबसे पहले जैतवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात नहीं था। समय पर इलाज न मिलता देख, घायलों को आनन-फानन में कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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