
मंडला। विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व (KTR) के भैसानघाट परिक्षेत्र से राहत भरी खबर आई है। यहाँ पिछले कुछ दिनों से घायल अवस्था में घूम रहे एक तेंदुए को वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। वर्तमान में तेंदुए को विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है ताकि उसका उचित उपचार किया जा सके।
ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन मामले की शुरुआत तब हुई जब गश्ती दल के कर्मचारियों ने नियमित पेट्रोलिंग के दौरान एक तेंदुए को लंगड़ाते हुए और घायल अवस्था में देखा। वन्यजीव की स्थिति को भांपते हुए इसकी तत्काल सूचना कान्हा प्रबंधन को दी गई। क्षेत्र संचालक रवीन्द्रमणि त्रिपाठी और उप संचालक प्रकाश कुमार वर्मा के निर्देशन में तेंदुए की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया।
तेंदुए की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के लिए जंगल के संदिग्ध इलाकों में कैमरा ट्रैप लगाए गए। जब तेंदुए की मूवमेंट एक निश्चित दायरे में पाई गई, तो उसे सुरक्षित पकड़ने के लिए पिंजरा (Trap Cage) लगाया गया।
12 मई की रात मिली सफलता वन विभाग की टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही थी। कई दिनों के इंतजार के बाद 12 मई 2026 की रात घायल तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। अगले दिन यानी 13 मई को वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने तेंदुए का प्राथमिक परीक्षण और उपचार किया।
मुक्की क्वारंटाइन सेंटर में होगा इलाज प्राथमिक उपचार के बाद, तेंदुए को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और निरंतर निगरानी के लिए मुक्की क्वारंटाइन सेंटर शिफ्ट कर दिया गया है। यहाँ डॉक्टर तेंदुए के घावों का गहन उपचार करेंगे और जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा, तब उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा। इस पूरे सफल ऑपरेशन के दौरान हालोन, फेन और मलांजखंड के सहायक संचालकों सहित बड़ी संख्या में वन कर्मचारी तैनात रहे।
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