
सतना जिले की सिविल लाइन थाना पुलिस ने पशुपतिनाथ मंदिर के समीप एक बंद मकान में मिले 65 वर्षीय बुजुर्ग के शव के सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। दस प्रतिशत मासिक ब्याज की वसूली और कोर्ट में विचाराधीन चेक बाउंस केस से तंग आकर तीन युवकों ने बुजुर्ग की कुल्हाड़ी और चाकू से गोदकर नृशंस हत्या कर दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, चाकू और लोटा बरामद कर लिया है।
मामले का विधिवत खुलासा करते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) मनीष त्रिपाठी ने बताया कि सिविल लाइन थाना अंतर्गत मझगवां भट्टा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के पास बने एक मकान से भीषण दुर्गंध आने पर गत 18 सितंबर को हाटी निवासी बृजेश प्रताप सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब बाहर से बंद ताले को खुलवाकर देखा, तो अंदर फर्श पर एक व्यक्ति का कई दिन पुराना क्षत-विक्षत शव मिला। मृतक की पहचान 65 वर्षीय रमाशंकर गर्ग (पिता शिवसम्पत गर्ग) के रूप में हुई। फॉरेंसिक यूनिट के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह के स्थल निरीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि होने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
एसपी के निर्देशन में सीएसपी मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने साक्ष्य संकलित करते हुए मारुतिनगर निवासी तीन संदिग्धों सचिन रैकवार, नीरज रैकवार और अंकित रैकवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। सीएसपी के अनुसार, लगभग दो वर्ष पूर्व अंकित रैकवार ने रमाशंकर गर्ग से 10 फीसदी मासिक ब्याज पर 30 हजार रुपये उधार लिए थे। इस लेन-देन की जमानत के रूप में सचिन रैकवार ने रमाशंकर को एक ब्लैंक चेक दिया था। जब अंकित समय पर ब्याज व रकम नहीं चुका सका, तो रमाशंकर ने सचिन के चेक के आधार पर न्यायालय में चेक बाउंस का परिवाद दायर कर दिया, जिससे सचिन काफी तनाव में था।

समझौता करने और मूलधन लौटाकर केस वापस लेने की मंशा से सचिन, अंकित और नीरज 15 सितंबर की रात रमाशंकर के घर पहुंचे। बातचीत के दौरान रमाशंकर द्वारा समझौता करने से इनकार करने पर विवाद बढ़ गया। इसी बीच सचिन ने पास रखा धातु का लोटा उठाकर रमाशंकर के सिर पर दे मारा, जिससे वे अचेत होकर तखत पर गिर पड़े। इसके बाद अंकित और नीरज ने घर में मौजूद कुल्हाड़ी और चाकू से ताबड़तोड़ वार कर बुजुर्ग को मौत के घाट उतार दिया और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गए।
सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रीति विश्वकर्मा ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इस अंधेकत्ल के खुलासे में साइबर सेल प्रभारी एसआई अजीत सिंह, एएसआई अमर सिंह, सुधीश अग्निहोत्री, दीपेश सिंह, प्रधान आरक्षक विवेक दुबे, विकास सिंह, तान सिंह, बृजेश सिंह, वाजिद खान, अशलेन्द्र सिंह, वीपेन्द्र मिश्रा, आरक्षक आनंद सिंह, प्रदुम शुक्ला, बृजेश्वर यादव और महिला आरक्षक कमला पटेल की उल्लेखनीय भूमिका रही।
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