
सतना। अवैध शराब के निर्माण, धारण और विक्रय के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नागौद वृत्त प्रभारी संजय कुमार साकेत के नेतृत्व में आबकारी टीम ने पिपरोखर और सेमरिहा टोला में दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों की मुखबिर से पुष्टि के बाद साकेत के नेतृत्व में टीम ने चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर रहवासी मकानों की विधिवत तलाशी ली। कार्रवाई में 40 लीटर हाथ भट्टी मदिरा और करीब 3500 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। मामले में कुल 8 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। कार्रवाई कलेक्टर सतीश कुमार एस के निर्देशन और सहायक आयुक्त आबकारी सुरेंद्र कुमार उरांव के मार्गदर्शन में की गई। सूचना मिलने के बाद वृत्त प्रभारी संजय साकेत ने टीम को सक्रिय कर कार्रवाई की कमान संभाली। बड़ी मात्रा में महुआ लाहन की बरामदगी से क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण की गतिविधियों पर विभाग की कार्रवाई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पिपरोखर में लंबे समय से शराब बनाने की चर्चा
स्थानीय लोगों के अनुसार पिपरोखर क्षेत्र में लंबे समय से महुए से शराब बनाए जाने की चर्चा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि यहां तैयार होने वाली महुआ शराब कथित तौर पर सतना शहर सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाई जाती है। हालांकि, इस कथित आपूर्ति नेटवर्क की वास्तविक स्थिति आबकारी विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। कार्रवाई में बरामद 3500 किलो महुआ लाहन भी महत्वपूर्ण है। विभाग के अनुसार जब्त मदिरा और लाहन की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 56 हजार रुपए है।
8 प्रकरण पंजीबद्ध
आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) एवं 34(1)(च) के तहत 8 प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं।कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी लोकेश ठाकुर, अभिषेक सिंह बघेल, शबनम बेगम, आबकारी उप निरीक्षक आशीष वाटिया, नीलेश गुप्ता एवं सुदर्शन विक्रमादित्य पाण्डेय, मुख्य आरक्षक राजकरण त्रिपाठी, मंगलदीन कोल एवं शंकर दयाल प्रजापति तथा आरक्षक आशुतोष तिवारी, अभिषेक मिश्रा, अमृता उर्मलिया, सत्यप्रकाश पाण्डेय एवं अमृतराज साकेत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।आबकारी विभाग के अनुसार अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण और विक्रय के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नागौद क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है।
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