
सतना, देशबन्धु। भोपाल में स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मेडिकल इंटर्न छात्रों पर कथित पुलिसिया लाठीचार्ज और बल प्रयोग की घटना का असर अब पूरे प्रदेश में दिखाई देने लगा है। सतना जिले में स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के इंटर्न छात्र चिकित्सकों ने राजधानी की घटना की कड़ी निंदा करते हुए काम बंद हड़ताल शुरू कर दी है। इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से सतना जिला अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गईं, जिससे ओपीडी और वार्डों में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी इंटर्न छात्रों ने संयुक्त बयान में कहा कि मेडिकल इंटर्न किसी भी अस्पताल की रीढ़ होते हैं। वे कठिन और विषम परिस्थितियों में चौबीसों घंटे ड्यूटी कर मरीजों की सेवा करते हैं और प्रशिक्षण के साथ-साथ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। छात्रों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी जायज मांगों और समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से शासन के समक्ष रखना उनका संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे भावी चिकित्सकों पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और चिंताजनक है।
हड़ताल पर बैठे छात्र चिकित्सकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि भोपाल में हुए पूरे लाठीचार्ज प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर लाठी चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सुरक्षा, मान-सम्मान और स्टाइपेंड से जुड़ी मांगों का ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।
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