
छतरपुर। जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों द्वारा एक निर्माण कंपनी के फील्ड ऑफिसर के अपहरण और फिरौती का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सागर-कानपुर फोरलेन सड़क का निर्माण कर रही MKC कंपनी के फील्ड ऑफिसर रामखिलाड़ी शर्मा का अपहरण कर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने रात भर चले सर्च ऑपरेशन के बाद अधिकारी को जंगल से सुरक्षित छुड़ा लिया है।
मिट्टी की सप्लाई का विवाद और अपहरण जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत सड़क निर्माण के लिए मिट्टी की सप्लाई के भुगतान को लेकर हुई थी। आरोपी भान सिंह यादव और विशाल यादव ने कंपनी को मिट्टी सप्लाई की थी, जिसमें उन्हें कथित तौर पर 50,000 रुपए का नुकसान हुआ था। इसी नुकसान की 'भरपाई' के नाम पर आरोपियों ने फिरौती का खतरनाक रास्ता चुना। बुधवार दोपहर आरोपियों ने फील्ड ऑफिसर रामखिलाड़ी शर्मा का अपहरण कर लिया और उनके साथ मारपीट की।
10 लाख रुपए ट्रांसफर, फिर भी नहीं दी रिहाई अपहरणकर्ताओं ने अधिकारी को छोड़ने के बदले 50 लाख रुपए की मांग की थी। दबाव में आकर कंपनी ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में 5 लाख - 5 लाख की दो किस्तों में कुल 10 लाख रुपए ट्रांसफर भी कर दिए। यह राशि अंकित यादव और विशाल यादव के खातों में भेजी गई थी। बावजूद इसके, आरोपियों ने अधिकारी को रिहा नहीं किया, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
जंगल में रात भर चली पुलिस की 'कॉम्बिंग' शिकायत मिलते ही पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर सटई थाना क्षेत्र के जंगलों में घेराबंदी शुरू की। रात भर चले इस ऑपरेशन के बाद गुरुवार तड़के करीब 5 बजे पुलिस ने रामखिलाड़ी शर्मा को सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, अंधेरे और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी भागने में सफल रहे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वह बैंक खाता फ्रीज (Freeze) कर दिया है जिसमें फिरौती की रकम भेजी गई थी।
राजनीतिक बवाल: सरकार पर साधा निशाना इस घटना ने मध्य प्रदेश में राजनीतिक पारा भी चढ़ा दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) जीतू पटवारी ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि किडनैपर्स के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर होना सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
Leave A Reviews