
जबलपुर. मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में गुरुवार रात उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब बच्चा वार्ड (HNCU) के बाहर शॉर्ट सर्किट से धुआं उठने लगा. घटना रात करीब 8:30 बजे की है. धुएं की गंध फैलते ही वार्ड में भर्ती मासूमों के परिजन अपने बच्चों को गोद में लेकर बाहर की ओर भागने लगे.
हंगामे और मौत का विवाद
हादसे के दौरान एक नवजात शिशु की मौत की खबर ने आग में घी का काम किया. आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों के साथ धक्का-मुक्की की.
परिजनों का आरोप: घटना के वक्त वार्ड में न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही वार्ड बॉय. सुरक्षा इंतजामों में बड़ी लापरवाही बरती गई.
प्रबंधन की सफाई: मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि नवजात की मौत शॉर्ट सर्किट की घटना से पहले ही हो चुकी थी. उन्होंने दावा किया कि वार्ड के अंदर भर्ती सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं.
शॉर्ट सर्किट की वजह
गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा के मुताबिक, वार्ड के बाहर लगे एक पंखे में शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारी उठी और धुआं फैल गया. ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने समय रहते स्थिति को संभाला, लेकिन तब तक अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन चुका था. सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.
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