
सिंगरौली। जिले के मोरवा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ न्याय की गुहार लगा रहे पीड़ित विवेक गुप्ता ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और मामले को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, व्यापारिक मुनाफे और हिस्सेदारी के विवाद को लेकर 14 मार्च की शाम विकास बंसल, मनोज बंसल और उनके साथियों ने उन्हें सरेबाजार घेरकर हमला किया। आरोप है कि इसके बाद विवेक और उनके भाई को दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उनके साथ अमानवीय बर्बरता की गई।
घटना की गंभीरता तब और बढ़ गई जब शुक्रवार को इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक हुआ। फुटेज में मारपीट और बंधक बनाने की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। पीड़ित का दावा है कि बंधक बनाने के दौरान आरोपियों ने डरा-धमकाकर उनके मोबाइल से 3.21 लाख जबरन ट्रांसफर करवा लिए और उनका निजी सामान भी लूट लिया। इतना ही नहीं, समाज में उनकी छवि धूमिल करने के लिए आरोपियों ने 20 लाख लेकर फरार होने की झूठी अफवाह भी फैला दी।
हैरानी की बात यह है कि इतने पुख्ता सबूतों और सीसीटीवी फुटेज के बावजूद मोरवा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की बेहद साधारण धाराओं (296(b), 115(2), और 351(3)) के तहत मामला दर्ज किया है। लूट और अपहरण जैसी गंभीर धाराओं के अभाव में पुलिस की निष्पक्षता संदिग्ध मानी जा रही है। हालांकि, थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर अन्य धाराएं जोड़ी जाएंगी। वर्तमान में पीड़ित परिवार दहशत के साये में है और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा है।
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