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सुप्रीम कोर्ट ने आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े के प्रमोशन पर बरकरार रखा दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है, जिसमें भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी और पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर ज्ञानदेव वानखेड़े के प्रमोशन को बरकरार रखा गया था।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है, जिसमें भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी और पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर ज्ञानदेव वानखेड़े के प्रमोशन को बरकरार रखा गया था।

न्यायमूर्ति पीएस नरसिंह और आलोक अराढे की बेंच ने केंद्र सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज कर दी। बेंच ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत इस फैसले में हस्तक्षेप करने के लिए इच्छुक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस खारिज का किसी अन्य मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

यह एसएलपी दिल्ली हाईकोर्ट के 28 अगस्त 2025 के फैसले से जुड़ी थी, जिसमें सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के आदेश को बरकरार रखा गया था। सीएटी ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वानखेड़े के प्रमोशन विवरण वाले सील बंद लिफाफे को खोला जाए और यदि यूपीएससी ने अनुशंसा की तो उन्हें जनवरी 2021 से एडिशनल कमिश्नर के पद पर पदोन्नत किया जाए।

इसके बाद, 17 अक्टूबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र की रिव्यू पिटीशन खारिज करते हुए उस पर 20,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

इससे पहले, न्यायमूर्ति नवीन चावला और मधु जैन की बेंच ने केंद्र सरकार के व्यवहार की आलोचना की थी और कहा था कि रिव्यू पिटीशन दाखिल करने से पहले सभी तथ्य सच-सच उजागर किए जाने चाहिए थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने यह भी नोट किया कि केंद्र सरकार ने सीएटी द्वारा अगस्त 2025 में दिए गए आदेश का खुलासा नहीं किया, जिसमें वानखेड़े के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को रोकने का निर्देश था।

सीएटी ने दिसंबर 2024 में सरकार को आदेश दिया था कि सील बंद लिफाफा खोला जाए और यदि यूपीएससी वानखेड़े का नाम सुझाए, तो उन्हें जनवरी 2021 से एडिशनल कमिश्नर के पद पर पदोन्नत किया जाए।

अब एसएलपी खारिज होने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने सीएटी और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों की वैधता और सही होने की पुष्टि कर दी है और केंद्र सरकार की सभी स्तरों पर चुनौती को खारिज कर दिया है।

वानखेड़े का नाम पहली बार तब चर्चा में आया था, जब 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग केस की छापेमारी की थी और इसमें कथित तौर पर अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का नाम भी जुड़ा था। बाद में उन पर दुराचार और नकली जाति प्रमाण पत्र से जुड़े आरोप भी लगे थे।

--आईएएनएस

एएमटी/डीएससी

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