
मंचिरियाल। तेलंगाना के मंचिरियाल जिले के लक्सेट्टीपेट में मंगलवार रात आए भीषण तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अनाज खरीद केंद्र पर तेज हवाओं के कारण लोहे का विशाल शेड गिरने से वहां मौजूद चार किसानों की दबकर मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान वेंकटेश, अभिराम, लच्छन्ना और नागराजू के रूप में हुई है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
तूफान के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त मंगलवार रात क्षेत्र में अचानक आए तूफान और गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह बाधित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। सबसे बुरा असर उन किसानों पर पड़ा जो अपनी महीनों की मेहनत की उपज, जैसे धान और मक्का लेकर सरकारी खरीद केंद्रों पर पहुंचे थे। शेड गिरने की घटना के साथ-साथ खुले में रखा हुआ भारी मात्रा में अनाज बारिश के पानी में भीग गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
खरीद में देरी पर भड़के किसान प्रभावित किसानों और उनके परिजनों ने इस पूरी त्रासदी के लिए प्रशासनिक लापरवाही और अनाज खरीद में हो रही देरी को जिम्मेदार ठहराया है। किसानों का आरोप है कि वे पिछले दस दिनों से केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण उनकी फसल समय पर नहीं खरीदी गई। किसानों ने कहा कि यदि समय रहते अनाज का उठान हो जाता, तो उन्हें न तो इस आपदा का सामना करना पड़ता और न ही उनकी फसल खराब होती।
मुआवजे की मांग और राजनीतिक आक्रोश इस हृदयविदारक घटना पर राजनीति भी गरमा गई है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने इस घटना को 'सरकारी लापरवाही से हुई हत्या' करार दिया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता देने की मांग की है। वहीं, राज्य भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार से प्रभावित किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है। विपक्षी दलों ने सरकार से मांग की है कि गोदामों और केंद्रों में पड़ी फसलों को बिना किसी देरी के तुरंत खरीदा जाए।
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