
तेंदूखेड़ा, देशबंधु। विकास एवं नवनिर्माण के माध्यम से नगर को नया व्यवस्थित स्वरूप देने वाले नगर परिषद अध्यक्ष पं. विष्णु शर्मा के नेतृत्व में नगर परिषद तेंदूखेड़ा ने स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। इसी तारतम्य में सार्वजनिक सूचना जारी कर कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक, मेडिकल वेस्ट और निर्माण-विध्वंस मलबे के निपटारे आदि के लिए जुर्माना व शुल्क तय किए गए हैं।
नियमों का पालन नहीं करने वालों पर मौके पर शास्ति की कार्रवाई की जाएगी। खुले में कचरा फेंकने पर 500 रुपए का जुर्माना होगा। निर्धारित चार डस्टबिन में जैविक, सूखा, सेनेटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे का पृथक्करण करना होगा। मेडिकल, क्लीनिक व अस्पतालों द्वारा मेडिकल वेस्ट का स्वयं निपटारा नहीं करने पर 1 हजार से 5 हजार रुपए तक जुर्माना लगेगा। घर-घर कचरा संग्रहण के दौरान कचरा अलग-अलग नहीं देने पर 250 रुपए की शास्ति तय की गई है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का वार्षिक शुल्क व्यावसायिक क्षेत्र में 1080, आवासीय में 720, औद्योगिक इकाइयों में 1440 तथा शासकीय-अर्धशासकीय संस्थानों में 720 रुपए निर्धारित किया गया है

प्लास्टिक पर 25 हजार तक कार्रवाई- प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर न्यूनतम 1 हजार से अधिकतम 25 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। जारी सूचना में 120 माइक्रोन से कम प्लास्टिक तथा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, बिक्री, परिवहन व उपयोग पर कार्रवाई का उल्लेख है।
मलबा सड़क पर डाला तो 1 हजार जुर्माना- निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाला मलबा वार्ड क्रमांक 11 स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में पहुंचाना होगा। इसके लिए 500 रुपए प्रति ट्रिप शुल्क निर्धारित है। सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थान पर मलबा डालने अथवा 48 घंटे से अधिक रखने पर 1 हजार रुपए जुर्माना होगा।
निर्माण एवं विध्वंस स्थल को ग्रीन नेट से कवर नहीं करने पर 500 रुपए की शास्ति लगेगी। नगर परिषद ने नागरिकों, व्यापारियों, मेडिकल एवं अस्पताल संचालकों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों से नियमों का पालन कर तेंदूखेड़ा को स्वच्छ बनाने में सहयोग की अपील की है।
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