
दुबई। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम (Ceasefire) के ऐतिहासिक ऐलान के चंद घंटों बाद ही खाड़ी देशों से चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत ने बुधवार को दावा किया कि उनके क्षेत्रों को ईरान की ओर से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया जा रहा है। सीजफायर की घोषणा के बावजूद इन हमलों ने क्षेत्र में शांति की उम्मीदों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
UAE का एयर डिफेंस अलर्ट पर: एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने पुष्टि की है कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय है और आने वाली ईरानी मिसाइलों के बैराज (मिसाइलों की झड़ी) को हवा में ही नष्ट कर रहा है। यूएई अधिकारियों के मुताबिक, देश वर्तमान में एक गंभीर मिसाइल खतरे का सामना कर रहा है और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
कुवैत ने 28 ईरानी ड्रोन गिराए: दूसरी ओर, कुवैत में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओताबी ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि कुवैती एयर डिफेंस ने सुबह 05:00 GMT के बाद से अब तक ईरान की ओर से भेजे गए 28 ड्रोनों को इंटरसेप्ट (मार गिराया) किया है। उन्होंने बताया कि पिछले कई घंटों से कुवैत पर तेज हमलों का सिलसिला जारी है।
40 दिन की जंग के बाद हुआ था समझौता: गौरतलब है कि इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 40 दिनों से भीषण जंग जारी थी, जिसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद दो सप्ताह के युद्धविराम का समझौता हुआ था। हालांकि, खाड़ी देशों (UAE और कुवैत) पर हो रहे इन ताजा हमलों ने इस समझौते की स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या ये हमले ईरान समर्थित समूहों द्वारा किए गए हैं या सीधे ईरानी सेना की ओर से।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का इंतजार: सीजफायर के उल्लंघन और मित्र देशों पर हमलों की इन खबरों के बाद अब सबकी नजरें वाशिंगटन और तेहरान पर टिकी हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये हमले नहीं रुके, तो खाड़ी क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ सकता है, जिससे अमेरिका को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।
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