
रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा जिले से पुलिसिया कार्यप्रणाली और पड़ोसियों की प्रताड़ना से तंग आकर एक शासकीय शिक्षक द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र (University Police Station) के अंतर्गत अनंतपुर मोहल्ले में रहने वाले एक शिक्षक ने मानसिक प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर अपने हाथ की नस काट ली।
गंभीर रूप से लहूलुहान शिक्षक को आनन-फानन में संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना को अंजाम देने से पहले शिक्षक ने तीन पन्नों का एक सनसनीखेज सुसाइड नोट (Suicide Note) भी लिखा है, जिसमें पुलिस और दबंग पड़ोसियों की मिलीभगत का पर्दाफाश किया गया है।
अस्पताल में भर्ती घायल शिक्षक अनिल तिवारी (Anil Tiwari) के भाई वीरेंद्र तिवारी ने घटना की पूरी पृष्ठभूमि बताते हुए व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीरेंद्र के मुताबिक, अनंतपुर में उनके नए मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। बीते 15 तारीख को घर के पास लगे एक पेड़ की छंटाई/कटाई को लेकर पड़ोस के कुछ दबंग लोगों से उनका मामूली विवाद हुआ था।
आरोप है कि इसके बाद पड़ोसी ने अपनी राजनीतिक पहुंच और पुलिसिया साठगांठ का इस्तेमाल किया। विश्वविद्यालय थाने की पुलिस ने पीड़ित शिक्षक पक्ष की एक न सुनी और उल्टा शिक्षक अनिल तिवारी के खिलाफ ही विभिन्न धाराओं में फर्जी आपराधिक प्रकरण (Fake Police Case) दर्ज कर लिया।
सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के अनुसार, आरोपी पड़ोसी लगातार शिक्षक के परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। आरोपी खुलेआम धमकी देता था कि:
"थाना प्रभारी (TI) मेरा सहपाठी (Classmate) है, तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। तुम्हें जो करना है कर लो, तुम्हें जेल भिजवाकर ही दम लूंगा।"
भाई वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि इस फर्जी मुकदमे के बाद विश्वविद्यालय थाने की पुलिस लगातार उनके भाई को थाने बुलाकर और मानसिक रूप से टॉर्चर कर रही थी। समाज में बदनामी और पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार से तंग आकर अनिल तिवारी ने बीती शाम अपने ही घर में हाथ की नस काट ली।
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद मीडिया के सामने रोती-बिलखती पीड़ित शिक्षक की पत्नी ने रीवा पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा:
"पुलिस ने हमारे साथ घोर अन्याय किया है। दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, बल्कि हमें ही डराया जा रहा है। अगर मेरे पति को न्याय नहीं मिला, तो हमारे सामने आत्महत्या के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। हम पूरा परिवार एक साथ सुसाइड कर लेंगे।"
शिक्षक द्वारा सुसाइड नोट लिखकर हाथ की नस काटने की खबर फैलते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएसपी (CSP) राजीव पाठक ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कर ली गई है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि क्या रीवा पुलिस अपने ही विभाग के टीआई पर लगे सहपाठी वाले आरोपों की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित शिक्षक को न्याय दिला पाती है या नहीं।
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