Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

तुर्की: जेल की सजा काट रहे अब्दुल्ला ओकलान अचानक चर्चा में! मंत्री मिले पर एर्दोगन ने बनाई दूरी

अंकारा, 26 नवंबर (आईएएनएस)। तुर्की में इन दिनों हलचल मची हुई है। बीते दिनों कुछ ऐसा हुआ जिसकी तैयारी कई दिनों से चल रही थी। तुर्की के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जेल में बंद कुर्दिश आतंकी गुट के नेता अब्दुल्ला ओकलान से बातचीत की। इसे राजनीतिक जानकार दशकों पुराने झगड़े को खत्म करने के लिए चल रही शांति पहल का हिस्सा बता रहे हैं।

अंकारा, 26 नवंबर (आईएएनएस)। तुर्की में इन दिनों हलचल मची हुई है। बीते दिनों कुछ ऐसा हुआ जिसकी तैयारी कई दिनों से चल रही थी। तुर्की के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जेल में बंद कुर्दिश आतंकी गुट के नेता अब्दुल्ला ओकलान से बातचीत की। इसे राजनीतिक जानकार दशकों पुराने झगड़े को खत्म करने के लिए चल रही शांति पहल का हिस्सा बता रहे हैं।

कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के नेता ओकलान के साथ यह अनोखी मीटिंग इस साल की शुरुआत में मिलिटेंट ग्रुप के हथियार डालने के फैसले पर केंद्रित थी। तुर्की ग्रैंड नेशनल असेंबली के एक बयान के मुताबिक, इसमें एक समझौते को लागू करने पर भी बात हुई, जिसमें कुर्दिश सेनाओं को एक नई सीरियाई सेना में शामिल करने की बात कही गई थी।

हुर्रियत डेली न्यूज ने रक्षा मंत्री यासर गुलर के एक बयान का जिक्र किया है। बताया कि 26 नवंबर को संसदीय पैनल के सामने मंत्री ने माना कि वे तुर्की को आतंक मुक्त बनाना चाहते हैं। उस अशांति से आजादी दिलाना चाहते हैं जिसने 40 साल से ज्यादा समय से देश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया है।

पीकेके, जिसे तुर्की, यूनाइटेड स्टेट्स और यूरोपियन यूनियन ने एक आतंकी संगठन बताया है, ने 1984 से तुर्की सरकार के खिलाफ हथियारबंद बगावत की थी। इसने शुरू में एक आजाद कुर्दिश देश की मांग की, बाद में तुर्की के भीतर स्वायत्तता और बढ़े हुए अधिकारों की मांगों पर ध्यान दिया। यह झगड़ा पड़ोसी इराक और सीरिया तक फैल गया। पीकेके ने उस दौरान करीब 40 हजार लोगों की हत्या कर दी थी।

सीरिया की सरकार और कुर्दिश नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज, या एसडीएफ के बीच 10 मार्च 2025 को हुए समझौते को लागू करने का काम काफी हद तक रुका हुआ है।

तुर्की, एसडीएफ को पीकेके के करीब मानता है। वह इस डील को लागू करने के लिए दबाव डाल रहा है, क्योंकि उसे चिंता है कि सीरियाई कुर्दिश लड़ाके सीरिया में ऑटोनॉमी बनाए रख सकते हैं और उसकी सीमा पर सुरक्षा के लिए खतरा बने रह सकते हैं।

सोमवार के बयान में कहा गया, "बैठक सकारात्मक रही, जिसका मकसद सामाजिक मेलजोल और भाईचारे को मजबूत करना और इलाके के नजरिए से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था," और यह भी कहा गया कि बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ओकलान से विस्तार में बात की।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस्तांबुल के पास इमराली जेल आइलैंड पर ओकलान और तीन निर्वाचित नेताओं के बीच बैठक पांच घंटे तक चली।

ओकालान, जो 1999 से जेल में है, कुर्दों के बीच एक असरदार आदमी माने जाते हैं शायद इसलिए उन्हें बगावत खत्म करने के मकसद से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम माना जा रहा है। पीकेके ने मई में घोषणा की थी कि वह ओकलान की बात मानकर चार दशकों से चली आ रही दुश्मनी को खत्म करते हुए हथियार डाल देगा।

बाद में ग्रुप ने उत्तरी इराक में एक प्रतीकात्मक निरस्त्रीकरण समारोह का आयोजन किया, जहां लड़ाकों ने अपने हथियार डालना शुरू कर दिया, और पिछले महीने घोषणा की कि वह तुर्की से अपनी बची हुई सेना को इराक वापस बुला रहा है।

तुर्की इन दिनों कई शांति समझौतों में अपनी भूमिका निभाने को तत्पर दिखता है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान के अलावा, वह गाजा पीस प्लान को लेकर भी काफी सक्रिय रहा है। राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन शांति तो चाहते हैं लेकिन नेपथ्य में रहकर कार्य पूरा होते देखना चाहते हैं। उनके लिए पीकेके के हथियार रखवाना राजनीतिक और व्यक्तिगत तौर पर बड़ी उपलब्धि होगी।

71 साल के एर्दोगन पीकेके के साथ शांति की कोशिशों में इसलिए भी सामने नहीं आ रहे क्योंकि पीकेके आतंकी संगठन है और वो अपने विदेशी मित्रों के सामने छवि को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते।

--आईएएनएस

केआर/

Share:

Leave A Reviews

Related News