
जबलपुर से मुंबई एयरलिफ्ट की गई मात्र दो दिन की बच्ची का ऑपरेशन सफल रहा है। मुंबई के नारायणा हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने बच्ची के दिल में बचपन से मौजूद छेद का जटिल ऑपरेशन किया, जो पूरी तरह सफल साबित हुआ। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च सरकार ने उठाया, जबकि अस्पताल ने भी आर्थिक सहयोग देकर मानवता की मिसाल पेश की।
राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना और पीएम श्री एम्बुलेंस योजना के तहत इस नवजात को दो दिन पहले जबलपुर से एयर एम्बुलेंस के जरिए मुंबई भेजा गया था। इस उपचार पर कुल साढ़े चार लाख रुपये का खर्च आया, जिसमें से तीन लाख रुपये की मदद नारायणा अस्पताल ने की। यह मध्य प्रदेश का पहला मामला है जब महज दो दिन की बच्ची को आपात स्थिति में एयरलिफ्ट करके दूसरे राज्य के अस्पताल में भेजा गया।
सिहोरा निवासी सत्येंद्र दहिया की पत्नी ने 3 नवंबर को जबलपुर के एक निजी अस्पताल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। इनमें से लड़की के दिल में छेद पाया गया, जिसकी स्थिति गंभीर थी। बच्ची के पिता ने तुरंत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला से संपर्क किया। जानकारी मिलने के बाद डॉ. संजय मिश्रा ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर बच्ची को बुधवार तक मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था की।
फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी। वहीं, नवजात बेटा पूरी तरह सामान्य है।
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