
उज्जैन. भाटपचलाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दुल्हन सहित गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह शादी के नाम पर रकम वसूल कर दुल्हन को फरार कराने की साजिश रचता था। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी फरार है।
थाना प्रभारी सत्येंद्र चौधरी ने बताया कि ग्राम मसवाडिया निवासी दिलीप धानुक ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 10 दिन पहले उसकी शादी ग्राम गजनीखेड़ा स्थित चामुंडा माता मंदिर में कराई गई थी। शादी तय कराने वालों ने 1 लाख 40 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें से 90 हजार रुपये पहले ही दे दिए गए थे।

शादी के बाद से ही पत्नी पायल क्षारिया शेष रकम की लगातार मांग कर रही थी। गुरुवार रात परिवार के सो जाने के बाद वह घर का दरवाजा खोलकर भागने का प्रयास कर रही थी। आहट होने पर परिजनों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लुटेरी दुल्हन का प्रकरण दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले में एक संगठित गिरोह सक्रिय था। दलाल की भूमिका निभाने वाले मुकेश पिता भेराजी धानुक निवासी ग्राम सरवना, थाना खाचरौद को रुपये देने के बहाने बुलाकर गिरफ्तार किया गया। वहीं, दूसरे आरोपी जुनैद उर्फ अमन पिता युसुफ खान निवासी सुजानगढ़, राजस्थान को भोपाल से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार गिरोह का एक अन्य सदस्य लाखन पिता सीताराम निवासी ग्राम उमरना फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पीड़ित दिलीप धानुक ने बताया कि शादी के लिए लड़की तलाशने के दौरान मुकेश धानुक, जो रिश्ते में दूर का जीजा लगता है, ने लड़की दिखाने का प्रस्ताव दिया था। उसने पायल क्षारिया निवासी जबलपुर, हाल मुकाम भोपाल से मिलवाया और लड़की के परिवार को गरीब बताकर रुपये की मांग की। लड़की पसंद आने पर 90 हजार रुपये दिए गए और 10 जनवरी को मंदिर में विवाह कराया गया।
थाना प्रभारी चौधरी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में एएसआई वरसिंह चरपोटा, प्रधान आरक्षक परमिंदर यादव, राकेश मालवीय, राहुल अटोलिया, पुष्पराज सिंह, शैलेंद्र सिंह, आरक्षक हितेश निम्बोला, महिला आरक्षक सपना राठौर, सीमा सिंगाड और मोनिका राव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
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