
इंदौर नगर निगम में बजट पेश होने से पहले भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सदन में उस समय स्थिति बिगड़ गई जब मेयर पुष्यमित्र भार्गव शोक प्रस्ताव पढ़ रहे थे।
इसी दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने मृतकों के पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप करते हुए पोस्टर जब्त किए, लेकिन करीब 10 मिनट तक सदन में हंगामा जारी रहा।
भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि दर्शक दीर्घा में कांग्रेस समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने जानबूझकर हंगामा किया। वहीं कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि वहां भागीरथपुरा के पीड़ित लोग मौजूद थे और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना बेहद दुखद है, लेकिन विपक्ष के इशारे पर सदन में व्यवधान डाला गया। विवाद के बीच कुछ समय के लिए हॉल की बिजली और माइक भी बंद हो गए। इसके बावजूद मेयर ने शोर-शराबे के बीच शोक प्रस्ताव पढ़े और बाद में बैठक को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।
गौरतलब है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
इस दौरान कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया सदन में गंदे पानी की बोतल लेकर पहुंचे, जबकि एक अन्य पार्षद ने दूषित पानी से जुड़े स्लोगन वाली टी-शर्ट पहनकर विरोध दर्ज कराया।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब पार्षद फौजिया शेख अलीम ने श्रद्धांजलि के दौरान ईरान में मारे गए लोगों का भी जिक्र किया, जिस पर बहस शुरू हो गई।
स्थिति कुछ समय बाद सामान्य हुई और सदन की कार्यवाही अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई।
Leave A Reviews