भोपाल. राजधानी भोपाल के गुनगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तरावली गांव में मंगलवार सुबह पुलिस और आबकारी विभाग ने एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है. शहर से दूर घने जंगलों की आड़ में चल रहे अवैध कच्ची शराब के एक बहुत बड़े अड्डे पर अचानक दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध मदिरा, ड्रम और शराब बनाने के अत्याधुनिक उपकरण जब्त किए गए हैं. इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार करने वाले माफियाओं और असामाजिक तत्वों में पूरी तरह हड़कंप मच गया है.
सुनसान जंगल में छिपाकर चलाई जा रही थीं अवैध भट्ठियां
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के सख्त निर्देशन और कंट्रोलर वर्षा उइके के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई थी. योजना के मुताबिक, तड़के सुबह ही भारी पुलिस बल और आबकारी विभाग का अमला तरावली गांव के उस दूरदराज और निर्जन जंगल में जा पहुंचा, जो मुख्य बस्ती से काफी दूरी पर स्थित था. इस स्थान का चुनाव तस्करों ने इसलिए किया था ताकि किसी को भी उनकी अवैध गतिविधियों की भनक न लग सके. जैसे ही प्रशासनिक अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंचा, डेरे में मौजूद लोगान-तस्कर पुलिस को देखते ही अपने ठिकाने और घर छोड़कर जंगलों की तरफ फरार हो गए. हालांकि, सतर्क टीमों ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया.
52 अधिकारियों और 175 कर्मचारियों की भारी-भरकम फौज ने की रेड
इस सनसनीखेज और बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग के कुल 52 वरिष्ठ अधिकारी और 175 मैदानी कर्मचारी संयुक्त रूप से मैदान में उतरे थे. दबिश के दौरान जब खाली पड़े घरों, झोपड़ियों और डेरों की चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली गई, तो कई चौंकाने वाले और बड़े खुलासे सामने आए:
भारी मात्रा में मदिरा और लाहन बरामद: मौके से कुल 275 लीटर अवैध हाथ भट्टी की कच्ची शराब और करीब 15,000 किलोग्राम (यानी 15 टन) सड़ा हुआ लाहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट किया गया.
भट्ठियां और बॉयलर जमींदोज: जमीन के भीतर बेहद शातिर तरीके से अवैध रूप से बनाई गई 12 भट्ठियों को पूरी तरह खोदकर नष्ट कर दिया गया. इसके अलावा, शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले 2 बड़े बॉयलर और 30 से अधिक छोटे-बड़े खाली व भरे हुए ड्रमों को भी ज़ब्त किया गया.
महज 10 से 20 रुपये में बिकती थी पन्नी वाली शराब: शुरुआती पुलिस जांच में यह बेहद हैरान करने वाला तथ्य सामने आया है कि इस अवैध अड्डे पर तैयार की गई कच्ची शराब को महज 10 से 20 रुपये की छोटी प्लास्टिक की पन्नी (पाउच) में भरकर आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों में खपाया जाता था.
ऑपरेशन को अंजाम देने वाली प्रमुख टीम
इस बहुप्रतीक्षित और सफल संयुक्त ऑपरेशन को लीड करने वाली प्रमुख टीम में एसडीओपी बैरसिया वैशाली करहेलिया, एसडीओपी दुर्जन सिंह बरकड़े, थाना प्रभारी बैरसिया रामबाबू चौधरी, थाना प्रभारी गुनगा रिंकू जाटव, निरीक्षक नरेन्द्र यादव, बैरसिया वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र देवांगन, उप निरीक्षक चंदर सिंह सहित भोपाल जिला आबकारी, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और संभागीय उड़नदस्ता के तमाम तेज-तर्रार अधिकारी और कर्मचारी पूरी मुस्तैदी के साथ डटे रहे. पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है और संबंधित आबकारी अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब के इस काले कारोबार को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए आगे भी इस तरह की छापामार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
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