
भोपाल। मध्यप्रदेश में विकास और जनकल्याण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 26,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई, जिसमें बुनियादी ढांचे, शिक्षा, सिंचाई और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई।
राज्य में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग के तहत वर्ष 2026 से 2031 तक विभिन्न निर्माण और नवीनीकरण कार्यों के लिए 26,311 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें सड़क निर्माण, कार्यालयों की स्थापना, भवनों के रखरखाव और भू-अर्जन से जुड़े कार्य शामिल हैं।
सामाजिक न्याय के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि को 1,550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इस योजना के तहत अब हर साल 100 नए विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 155 करोड़ 82 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे 24 गांवों के करीब 9,200 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
महिला एवं बाल विकास के तहत 38,901 आंगनवाड़ी भवनों में बिजली व्यवस्था के लिए 80 करोड़ 41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी विस्तार को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में पीजी सीट वृद्धि योजना के तहत 79 करोड़ 16 लाख रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। वहीं श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए 174 करोड़ 80 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
मंत्रि-परिषद के इन फैसलों को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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