
भोपाल/उज्जैन. मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज ने अचानक करवट लेकर तबाही मचा दी है. उज्जैन, रतलाम और पांढुर्णा समेत कई जिलों में हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है. गेहूं और चने की तैयार फसलें खेतों में बिछ गई हैं, वहीं खरगोन में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक महिला की दुखद मृत्यु हो गई है.
प्रमुख अपडेट्स: ओलों की मार और जान-माल का नुकसान
प्रदेश के कई हिस्सों में कुदरत का दोहरा प्रहार देखने को मिल रहा है:
फसलों की बर्बादी: पांढुर्णा में 35 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल और संतरे के बागों को भारी क्षति पहुंची है. उज्जैन और बड़वानी में कटी हुई फसलें भी भीगने से खराब होने की कगार पर हैं.
आकाशीय बिजली का तांडव: खरगोन के झिरन्या में खेत में काम कर रही महिला की जान चली गई, जबकि सिवनी में बिजली गिरने से कटी फसल में भीषण आग लग गई.
33 जिलों में अलर्ट: मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित 33 जिलों में 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है.
विशेषज्ञों की चेतावनी: गुणवत्ता पर पड़ेगा असर
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस बेमौसम बारिश से गेहूं और दलहन (चना, मसूर) के दाने काले पड़ सकते हैं. नमी बढ़ने से अनाज की चमक कम होगी, जिससे बाजार में किसानों को सही दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा. जबलपुर और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में अभी और ओले गिरने की आशंका जताई गई है.
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