
दमोह जिले की देहात थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी और कामयाबी भरी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर घेराबंदी करते हुए करीब 12 लाख रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की अवैध स्मैक के साथ दो शातिर नशा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कामयाबी का आधिकारिक तौर पर खुलासा मंगलवार की दोपहर को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आनंद कलादगी ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर किया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाई जा रही इस मुहिम के तहत सोमवार की रात सागर नाका पुलिस चौकी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पुख्ता गुप्त सूचना (मुखबिर द्वारा) प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि दो संदिग्ध युवक भारी मात्रा में स्मैक पाउडर बेचने और ग्राहकों की तलाश करने के चक्कर में इलाके में लगातार मोटरसाइकिल से चक्कर काट रहे हैं।
खबर की गंभीरता को भांपते हुए थाना प्रभारी और पुलिस बल बिना कोई वक्त गंवाए फौरन एक्शन में आए। पुलिस टीम ने दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर स्थित सरदार पटेल ओवरब्रिज के पास सुनसान इलाके में नाकेबंदी की। जैसे ही मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार दो संदिग्ध वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त स्थानीय और पड़ोसी जिले के निवासियों के रूप में हुई है, जो इस अवैध कारोबार के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं:
राजू उर्फ राजेंद्र मिश्रा: उम्र 51 वर्ष, निवासी शोभानगर, दमोह।
आशुतोष श्रीवास्तव: उम्र 32 वर्ष, निवासी गोपालगंज, जिला सागर।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों आरोपियों की अमली जामा पहनाते हुए सघन तलाशी ली, तो उनके पास से कुल 120 ग्राम शुद्ध स्मैक पाउडर बरामद हुआ। नार्कोटिक्स विभाग के वाणिज्यिक मानकों के अनुसार जब्त की गई इस नशीली खेप की अनुमानित कीमत बाजार में लगभग 12 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने स्मैक और तस्करी में प्रयुक्त अन्य सामग्रियों को विधिवत जब्त कर लिया है।
नशीले पाउडर के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ देहात थाने में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों तस्करों को जिला न्यायालय (कोर्ट) के समक्ष पेश किया गया।
पूछताछ के लिए रिमांड: पुलिस ने तस्करी के अंतर-जिला नेटवर्क और मुख्य सरगना का पता लगाने के लिए अदालत से आरोपियों की कस्टडी मांगी, जिसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
पुलिस के आला अफसरों का साफ तौर पर कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान दोनों आरोपियों से बेहद सख्ती के साथ पूछताछ की जा रही है। पुलिस मुख्य रूप से इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि वे यह बेहद महंगा नशीला पाउडर इतनी बड़ी मात्रा में कहाँ से लेकर आए थे, इसके पीछे किन बड़े सप्लायरों का हाथ है और दमोह व सागर जिले में वे इसे किसे सप्लाई या बेचने वाले थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस सघन पूछताछ के दौरान जो भी नए नाम या कड़ियां सामने आएंगी, उन्हें भी इस मामले में सह-आरोपी बनाकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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