
यरूशलम/तेहरान. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. संघर्ष के 33वें दिन हिंसा की लपटें कुवैत, बहरीन और कतर तक फैल गई हैं. ईरान और इजरायल के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत ने वैश्विक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है.
तेहरान में धमाके: इजरायल का 'ऑपरेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर'
बुधवार को इजरायली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान पर भीषण हवाई हमले किए. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी शासन के सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हमलों की एक बड़ी लहर पूरी की है. तेहरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने शहर के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की पुष्टि की है.
ईरान का पलटवार: 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4'
जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 88वीं लहर शुरू कर दी है. ईरान ने दावा किया कि उसकी नौसेना ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर चार बड़े हमले किए हैं. इस बीच, बहरीन की एक कंपनी में ईरानी हमले के बाद भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने में सिविल डिफेंस की टीमें जुटी हुई हैं.
युद्ध के बड़े अपडेट्स:
कुवैत-कतर पर असर: कतर के तट के पास एक कमर्शियल टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे समुद्री व्यापार मार्ग पर खतरा बढ़ गया है.
इजरायल का रक्षा कवच: इजरायल ने यमन से दागी गई एक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया. हालांकि, लेबनान में हिज्बुल्ला ने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से एक इजरायली ड्रोन को मार गिराया है.
बड़ा नुकसान: IDF के अनुसार, अब तक ईरान में 4,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया गया है, जिसमें 16,000 से ज्यादा गोला-बारूद गिराए गए हैं और लगभग 2,000 ईरानी सैन्य कमांडर मारे गए हैं.
खामेनेई का संकल्प: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने हिज्बुल्ला को अपना समर्थन जारी रखने का वादा किया है, जिससे युद्ध के जल्द थमने के आसार कम नजर आ रहे हैं.
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