
सतना जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संत टोला वार्ड क्रमांक 11 में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां खेत की रखवाली कर रहे एक 55 वर्षीय किसान की आग में झुलसने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मुन्नीलाल त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो अपने खेत में बनी एक मड़ैया (झोपड़ी) में सो रहे थे। यह दुखद हादसा उस समय हुआ जब आसपास के खेतों में लगी आग तेजी से फैलते हुए उनकी मड़ैया तक पहुंच गई। आग इतनी विकराल थी कि किसान को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घटना के समय मुन्नीलाल अपनी मड़ैया में विश्राम कर रहे थे, तभी अचानक लपटों ने झोपड़ी को घेर लिया। अपनी मेहनत की कमाई और वहां रखे सामान को जलता देख मुन्नीलाल ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया। इसी कोशिश में वे आग की लपटों के बीच फंस गए और गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने धुएं का गुबार देख मौके पर दौड़ लगाई और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक मुन्नीलाल दम तोड़ चुके थे। आग की इस चपेट में वहां रखा कृषि संबंधी सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो गया।
हादसे की सूचना मिलने पर जैतवारा थाना प्रभारी अभिषेक पाण्डेय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। हालांकि, कोठी अस्पताल में पोस्टमार्टम को लेकर डॉक्टरों द्वारा कथित तौर पर आनाकानी किए जाने की खबरें भी सामने आईं, जिससे परिजनों में काफी आक्रोश देखा गया। वर्तमान में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों में नरवाई जलाने और लापरवाही से लगने वाली आग पर कड़ा अंकुश लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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