Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

परमाणु तबाही की आहट: ईरान ने UN को लिखा आपातकालीन पत्र- 'बुशहर प्लांट पर हमले रुके नहीं, तो खाड़ी देशों में फैलेगा जानलेवा रेडिएशन'

तेहरान/न्यूयॉर्क. मध्य पूर्व में जारी युद्ध अब परमाणु आपदा की दहलीज पर पहुँच गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक आपातकालीन पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हो रहे लगातार हमले पूरे क्षेत्र के लिए 'डेथ वारंट' साबित हो सकते हैं. अराघची ने कहा कि यदि रेडिएशन का रिसाव होता है, तो इसका सबसे भयावह असर ईरान से ज्यादा खाड़ी देशों (GCC) की राजधानियों पर पड़ेगा.

चार बार हुआ हमला, 'असहनीय' हुई स्थिति
ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार, बुशहर संयंत्र परिसर के पास अब तक चार बार मिसाइलें गिर चुकी हैं. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे ये हमले "असहनीय स्थिति" पैदा कर रहे हैं. ईरान का दावा है कि इन हमलों का मकसद न केवल बुनियादी ढांचे को नष्ट करना है, बल्कि जानबूझकर रेडियोधर्मी प्रदूषण फैलाना है, जिसके परिणाम मानवीय और पर्यावरणीय दृष्टि से विनाशकारी होंगे.

IAEA की निगरानी: "फिलहाल रेडिएशन नहीं, पर खतरा बरकरार"
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि शनिवार सुबह बुशहर संयंत्र के पास एक और प्रक्षेपास्त्र गिरा है. हालांकि, IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने राहत की बात यह बताई है कि अभी तक विकिरण (Radiation) के स्तर में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है. ग्रॉसी ने कड़े शब्दों में कहा:

"परमाणु ऊर्जा संयंत्र कोई युद्ध का मैदान नहीं हैं. सहायक संरचनाओं पर हमले से महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण नष्ट हो सकते हैं, जिससे पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा हो सकता है."

खाड़ी देशों (GCC) के लिए खतरे की घंटी
ईरान ने चेतावनी दी है कि बुशहर की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ से निकलने वाला रेडिएशन हवा के जरिए कुवैत, कतर, यूएई और सऊदी अरब तक तेजी से फैल सकता है. यह न केवल लाखों लोगों की जान लेगा, बल्कि समुद्र के पानी को भी जहरीला बना देगा, जिससे पूरे क्षेत्र की इकोनॉमी और जीवन ठप हो सकता है.

Share:

Leave A Reviews

Related News