
टीकमगढ़. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मंगलवार, 7 अप्रैल की सुबह एक अलग ही रूप में नजर आईं. टीकमगढ़ के सिविल लाइन रोड पर अपने बंगले के सामने उन्होंने खुद हाथठेला लगाया और राहगीरों को पोहा-जलेबी बेची. उमा भारती का यह कदम प्रशासन द्वारा की गई 'अतिक्रमण हटाओ' कार्रवाई के विरोध में उठाया गया एक प्रतीकात्मक कदम था.
क्या है पूरा मामला?
सोमवार, 6 अप्रैल को नगर पालिका और राजस्व विभाग की टीम ने सिविल लाइन रोड पर जेसीबी चलाकर कई छोटी दुकानों और हाथठेलों को हटा दिया था. प्रशासन की इस कार्रवाई से गरीब दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया था. उमा भारती ने इस कार्रवाई को 'अनुचित' बताते हुए तुरंत विरोध दर्ज कराया.
"प्रशासन पहले जगह दे, फिर हटाए"
हाथठेले पर खड़े होकर उमा भारती ने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी. उन्होंने कहा:
"गरीबों की रोजी-रोटी छीनना गलत है. प्रशासन को चाहिए कि वह पहले इन दुकानदारों के लिए वैकल्पिक स्थान (Vendors Zone) चिह्नित करे और फिर हटाने की कार्रवाई करे. जब तक इनके लिए जगह तय नहीं होती, ये यहीं दुकानें लगाएंगे और मैं इनके साथ खड़ी हूं."
दुकानदारों को दिया हौसला
उमा भारती ने हटाए गए दुकानदारों को वापस बुलाकर उसी जगह ठेले लगवाना शुरू कर दिया है. उन्होंने दुकानदारों से कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है और वे जल्द ही इस विषय पर जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से बात करेंगी.
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